आगरा:
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट संख्या-19 के न्यायाधीश माननीय लोकेश कुमार ने गैर-इरादतन हत्या के एक पुराने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
न्यायालय ने आरोपी राम मूर्ति को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
घटना का विवरण:
यह मामला आगरा के थाना पिनाहट क्षेत्र के ग्राम मल्हन टोला का है। 1 मार्च 2018 की रात करीब 8 बजे, पुरानी रंजिश के चलते आरोपी राम मूर्ति और उसके बेटों ने वादी मुन्ना लाल के बड़े भाई राम दास के साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी।
हमले के दौरान:
* आरोपी राम मूर्ति ने राम दास के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
* घायल राम दास की इलाज के दौरान 3 मार्च 2018 को मृत्यु हो गई।
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न्यायालय की कार्यवाही:
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत दीक्षित ने प्रभावी पैरवी की।
सजा के मुख्य आधार निम्नलिखित रहे:
* गवाहों के बयान: वादी मुन्ना लाल सहित कुल 8 गवाह अदालत में पेश किए गए।
* वैज्ञानिक साक्ष्य: मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हमले की गंभीरता की पुष्टि की।
* पुत्रों की रिहाई: साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने राम मूर्ति के दो पुत्रों (किशन सिंह और ओमी शंकर) को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
सजा का प्रावधान:
एडीजे 19 माननीय लोकेश कुमार ने साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर राम मूर्ति को दोषी पाया और उसे 7 वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई।
अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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