आगरा ।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 9 मोहित कुमार प्रसाद ने एक व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए उसके सगे भाई, भाई की पत्नी और पिता सहित अन्य लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष सिकंदरा को दिया है।
मामले के विवरण के अनुसार, वादी धर्मेंद्र यादव पुत्र वीरेंद्र सिंह यादव, निवासी नंदन पुरम, थाना सिकंदरा, जिला आगरा ने अपने अधिवक्ता अचल सिंह एवं राजेश कुमार वर्मा के माध्यम से अदालत में धारा 156(3) के तहत एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
इस प्रार्थना पत्र में उसने अपने भाई विवेक यादव, भाई की पत्नी श्रीमती शीतल यादव, अपने पिता वीरेंद्र सिंह यादव तथा भाई के साडू व अन्य को नामजद किया था।
वादी धर्मेंद्र यादव का आरोप है कि 1 सितंबर 2024 की सुबह लगभग 5 बजे उसका भाई विवेक यादव उस स्टोर रूम का ताला तोड़ रहा था जिसमें वादी का सामान रखा हुआ था।
जब वादी और उसकी पत्नी ने इस कृत्य का विरोध किया, तो आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।
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प्रार्थना पत्र में आगे आरोप लगाया गया है कि उसी दिन रात्रि लगभग 8:30 बजे आरोपी भाई, उसकी पत्नी, पिता और उनके अन्य सहयोगियों ने मिलकर वादी, उसकी पत्नी और उसकी पुत्री के साथ दोबारा गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया।
थाने स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए वादी के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।
अदालत ने थानाध्यक्ष सिकंदरा को निर्देश दिया है कि वे नामजद आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करें और मामले की निष्पक्ष विवेचना कर नियमानुसार आख्या प्रस्तुत करें।
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