हत्या के प्रयास में चार आरोपियों को 10 वर्ष की कैद, एक लाख रुपये का जुर्माना

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

पुरानी रंजिश के चलते घर पर हमला कर ताबड़तोड़ फायरिंग करने और तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है।

अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एडीजे-7) माननीय सुरजन सिंह की अदालत ने हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अदालत द्वारा सजा पाने वाले आरोपियों में आगरा के थाना बाह अंतर्गत मोहल्ला जुल्हा पुरी निवासी सिराजुद्दीन, पप्पू अंसारी, मेंहदी हसन (तीनों पुत्र अल्ला दीन) और मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कस्बा मोह निवासी खलील अहमद पुत्र बशीर शामिल हैं।

घटना का विवरण अभियोजन पक्ष और थाना बाह में दर्ज मुकदमे के अनुसार, यह घटना 18 जुलाई 1998 की रात करीब 10 बजे की है।

Also Read – आगरा उपभोक्ता फोरम प्रथम का बड़ा फैसला, कार डीलर अशोक ऑटो सेल्स पर लगा जुर्माना, ग्राहक को मिलेंगे 1.15 लाख रुपये मय ब्याज

कस्बा बाह के मोहल्ला जुल्हा पुरी निवासी वादी रफीक पुत्र मुनीर ने आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के कारण चारों आरोपी हथियारों से लैस होकर उसके घर पर आ धमके। आरोपियों ने घर पर हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

इस जानलेवा हमले में वादी के दामाद नईम (निवासी रामगढ़, जिला फिरोजाबाद), वादी के पुत्र इरशाद और पड़ोसी सिकंदर की पुत्री रहमत गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

फायरिंग की इस घटना से इलाके में इतनी दहशत फैल गई थी कि मोहल्ले के लोगों ने डर के मारे अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए थे।

हमलावर जाते-जाते भविष्य में जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे।

अदालती कार्यवाही और फैसला इस गंभीर मामले की सुनवाई एडीजे-7 माननीय सुरजन सिंह की अदालत में संपन्न हुई। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह अदालत में पेश किए गए।

Also Read – बुलडोजर कार्रवाई पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ में मतभेद, मामला तीसरे न्यायाधीश को संदर्भित

वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष दीक्षित और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सत्य प्रकाश धाकड़ ने मजबूत पैरवी करते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किए।

न्यायाधीश माननीय सुरजन सिंह ने अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयानों, घायलों की मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह का गहनता से अवलोकन किया।

सभी साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए अदालत ने सिराजुद्दीन, पप्पू अंसारी, मेंहदी हसन और खलील अहमद को हत्या के प्रयास और दहशत फैलाने का पूर्ण रूप से दोषी पाया।

इसके बाद अदालत ने चारों दोषियों को 10 वर्ष की कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

1 thought on “हत्या के प्रयास में चार आरोपियों को 10 वर्ष की कैद, एक लाख रुपये का जुर्माना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *