आगरा।
अदालत में गवाही के लिए उपस्थित न होने पर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) माननीय सोनिका चौधरी ने सख्त रुख अपनाते हुए विवेचक एवं उपनिरीक्षक राजीव कुमार सिंह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही, अदालत ने पुलिस आयुक्त को निर्देशित किया है कि वह 1 अगस्त 2026 को उपनिरीक्षक को अनिवार्य रूप से अदालत के समक्ष हाजिर कराएं।
क्या है पूरा मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में थाना जगदीशपुरा से संबंधित ‘राज्य बनाम हर्ष शर्मा’ का एक मुकदमा विचाराधीन है।
यह मामला पीड़िता को बंधक बनाकर उसके साथ दुराचार करने और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
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अंतिम चरण में है मुकदमे की सुनवाई इस मामले में अभियोजन पक्ष के अन्य सभी गवाहों की गवाही अदालत में दर्ज की जा चुकी है।
अब इस मुकदमे में केवल विवेचक उपनिरीक्षक राजीव कुमार सिंह की गवाही होनी शेष है। उनकी गवाही के लिए ही यह मुकदमा लंबित चल रहा है।
अदालत का सख्त रुख मुकदमे के अहम गवाह और विवेचक होने के बावजूद अदालत में हाजिर न होने पर न्यायाधीश माननीय सोनिका चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताई है।
विवेचक की अनुपस्थिति से न्यायिक प्रक्रिया में हो रहे विलंब को देखते हुए अदालत ने पुलिस आयुक्त को आदेशित किया है कि वेतन रोकने की कार्रवाई के साथ-साथ उपनिरीक्षक की 1 अगस्त को अदालत में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय सोनिका चौधरी ने आदेश की प्रति पुलिस आयुक्त आगरा के साथ मुख्य कोषाधिकारी आगरा एवं पुलिस महानिदेशक लखनऊ को भी प्रेषित करने के आदेश दिए।
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