आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (प्रथम), आगरा ने सड़क दुर्घटना के दौरान कार के एयरबैग न खुलने को गंभीर निर्माण दोष और सेवा में कमी मानते हुए कार निर्माता कम्पनी हुण्डई मोटर्स इण्डिया लिमिटेड को उपभोक्ता को कार का पूरा मूल्य लौटाने और क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने यह निर्णय परिवादी अक्षय कुमार की याचिका पर सुनाया।
मामले के अनुसार, आगरा निवासी अधिवक्ता अक्षय कुमार ने 10 अगस्त 2024 को हुण्डई औरा कार खरीदी थी। 26 मार्च 2025 को रोहतक रोड, हरियाणा में उक्त कार भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई। दुर्घटना में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और परिवादी को गंभीर चोटें आईं, लेकिन इस दौरान कार के सुरक्षा एयरबैग नहीं खुले।
परिवादी का कहना था कि एयरबैग न खुलना कम्पनी द्वारा सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और विनिर्माण संबंधी दोष को दर्शाता है, जिससे उनकी जान भी जा सकती थी।

विपक्षी हुण्डई मोटर्स ने अपने जवाब में कहा कि वाहन पूरी गुणवत्ता और मानकों के साथ बनाया गया था तथा किसी विशेषज्ञ आख्या के बिना निर्माण दोष का आरोप लगाना अनुचित है। कम्पनी ने तर्क दिया कि एयरबैग का खुलना तकनीकी रूप से वाहन के टकराने के कोण और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों, क्षतिग्रस्त वाहन के छायाचित्रों और उच्चतम न्यायालय तथा राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग की निर्णयज विधियों का संज्ञान लेने के बाद कम्पनी के तर्कों को खारिज कर दिया।
आयोग ने रेखांकित किया कि वाहन विक्रय करते समय कम्पनियां सुरक्षा विशेषताओं का भ्रामक प्रचार कर ग्राहकों को आकर्षित करती हैं, लेकिन तकनीकी जटिलताओं से उन्हें अवगत नहीं करातीं।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि वाहन निर्माता कम्पनियां विक्रय के समय सभी सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली ग्राहकों को भली-भांति समझाएं और निर्देश पुस्तिका अंग्रेजी के साथ-साथ सरल हिन्दी भाषा में भी उपलब्ध कराएं।
आयोग ने हुण्डई मोटर्स को आदेश दिया है कि वह आदेश के 45 दिनों के भीतर परिवादी से क्षतिग्रस्त कार वापस लेकर उसका मूल्य 8,30,700/- रुपये दुर्घटना की तिथि 26 मार्च 2025 से वास्तविक भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित अदा करे।
इसके अतिरिक्त मानसिक पीड़ा व चिकित्सीय क्षतिपूर्ति के रूप में 1,00,000/- रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 25,000/- रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया गया है।
निर्धारित 45 दिन की समय सीमा में भुगतान न करने पर कम्पनी को 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से सम्पूर्ण भुगतान करना होगा।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- साक्ष्य के अभाव में हत्या का आरोपी दोषमुक्त, लचर विवेचना पर अदालत ने डीजीपी और पुलिस आयुक्त को भेजी आदेश की प्रति - October 16, 2026
- दहेज उत्पीड़न के मामले में पीड़िता के बयान दर्ज करने और मेडिकल कराने के अदालत ने दिए आदेश - October 16, 2026
- अवैध धर्मांतरण एवं अपहरण के चर्चित मामले में दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज - October 16, 2026





1 thought on “दुर्घटना में एयरबैग न खुलने पर उपभोक्ता आयोग का कड़ा रुख, हुण्डई मोटर्स को कार की पूरी कीमत लौटाने और मुआवजा देने का आदेश”