आगरा:
जिला जज की अदालत ने हत्या के प्रयास और मारपीट के मामले में जेल में निरुद्ध दो आरोपियों की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है।
न्यायालय ने आरोपियों के अधिवक्ता के तर्कों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोनों की रिहाई के आदेश जारी किए हैं।
मामले का संक्षिप्त विवरण:
यह मामला आगरा के थाना किरावली क्षेत्र का है। वादी मुकदमा तोताराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 फरवरी 2026 की शाम करीब 4:15 बजे उनका पुत्र ‘फौजी’ किरावली से घर लौट रहा था।
आरोप के अनुसार, रास्ते में ग्राम अभुआ पुरा निवासी आरोपी संजय (पुत्र चंद्रभान) और छोटू उर्फ सुखवंत (पुत्र बसंत लाल) ने अन्य साथियों के साथ मिलकर गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।
आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से वादी के पुत्र के सिर पर फावड़े से प्रहार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

जमानत का मुख्य आधार:
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल कुमार ने प्रभावी पैरवी करते हुए निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत किए:
* साधारण चोटें: अभियोजन पक्ष ने घटना को गंभीर बताते हुए ‘जानलेवा हमला’ करार दिया था, लेकिन घायल की मेडिकल रिपोर्ट में आई चोटें ‘साधारण’ (Simple Injuries) पाई गईं।
* तथ्यों का अभाव: अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है और मेडिकल साक्ष्य गंभीर आरोपों की पुष्टि नहीं करते हैं।
न्यायालय का आदेश:
जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद पाया कि चोटें जानलेवा प्रकृति की नहीं थीं।
इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपी संजय और छोटू उर्फ सुखवंत की जमानत मंजूर करते हुए उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया।
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