आगरा।
जेवर बनाने के नाम पर लाखों रुपये की चांदी की शुद्धता में हेराफेरी करने और धोखाधड़ी के आरोपी कारीगर को अदालत से बड़ा झटका लगा है।
जिला जज ने आरोपी मोहित अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को अपराध की गंभीरता को देखते हुए निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य तथ्य: शुद्धता के नाम पर बड़ा खेल
* अभियुक्त: मोहित अग्रवाल पुत्र राजेश अग्रवाल (निवासी: शास्त्रीपुरम, थाना सिकंदरा)।
* वादी: अक्षत मित्तल (फर्म: देवश्री ज्वेलर्स, जेन पैलेस, किनारी बाजार)।
* मामला: वादी ने 30 नवंबर 2025 को आरोपी कारीगर को 10 किलो 300 ग्राम चांदी जेवर बनाने के लिए सौंपी थी।
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धोखाधड़ी का तरीका:
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ने 93 प्रतिशत शुद्धता की चांदी आरोपी को दी थी। लेकिन आरोपी मोहित ने नीयत खराब होने के कारण असली चांदी हड़प ली और उसके बदले मात्र 35 प्रतिशत शुद्धता के जेवर बनाकर वापस कर दिए।
इस हेराफेरी के जरिए आरोपी ने वादी के साथ करीब 11 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
न्यायालय की कार्यवाही:
मामले की सुनवाई के दौरान एडीजीसी (ADGC) अजय गिर्ज ने पुरजोर तरीके से जमानत का विरोध किया।
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उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी ने भरोसे का कत्ल करते हुए न केवल आर्थिक क्षति पहुँचाई है, बल्कि व्यापारिक साख को भी नुकसान पहुँचाया है।
कोर्ट का रुख:
जिला जज ने सरकारी वकील के तर्कों और मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आरोपी कारीगर मोहित अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
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