आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में अहम आदेश जारी किया है।
कोर्ट ने इस मामले में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आजम खान और अब्दुल्ला आजम को नोटिस जारी कर 10 अप्रैल 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह मामला अब्दुल्ला आजम खान द्वारा कथित तौर पर दो अलग-अलग जन्म तिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड रखने से जुड़ा है।
इस मामले में शिकायतकर्ता नवाब काजिम अली खान उर्फ नावेद मियां ने रामपुर की विशेष एमपी/एमएलए (MP/MLA) कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा बढ़ाने की मांग वाली उनकी क्रिमिनल रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया गया था।
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हाईकोर्ट में सुनवाई के मुख्य बिंदु:
* निचली अदालत के फैसले को चुनौती: याची नवाब काजिम अली खान ने 16 जनवरी 2026 को रामपुर की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसने उनकी सजा बढ़ाने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
* प्रतिवादी: इस याचिका में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के साथ-साथ आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को प्रतिवादी बनाया गया है।
* न्यायिक पीठ: मामले की सुनवाई जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ (Single Bench) में हुई।
* याची का पक्ष: याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विजय विक्रम सिंह ने पक्ष रखते हुए दलील दी कि निचली अदालत का फैसला विधि सम्मत नहीं है और इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
अगली कार्रवाई:
हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को अपना पक्ष रखने के लिए समय प्रदान किया है।
मामले की अगली सुनवाई अब 10 अप्रैल 2026 को नियत की गई है, जिसमें प्राप्त जवाबों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
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