आगरा/ प्रयागराज 18 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी मऊ को याची की अधिगृहीत ज़मीन का मुआवजा तय करने की मांग में दाखिल अर्जी पर दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने याची को दो हफ्ते में अर्जी दाखिल करने और याची को सुनकर आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
Also Read - इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हेड कांस्टेबल की विधवा से अधिक वेतन भुगतान की वसूली पर रोकयह आदेश न्यायमूर्ति एम.सी. त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने पंकज पांडेय की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।

याची अधिवक्ता चंद्र कांत त्रिपाठी का कहना था कि घोसी तहसील के गांव चक पयाग की याची की जमीन ली गई है किन्तु मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है।
याची ने प्रत्यावेदन भी दिया है, उसका निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
सरकारी वकील ने कहा सही अधिकारी को अर्जी दे तो नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।इस पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है।
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