आगरा।
राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में निवासरत किशोरों के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 21 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
यह बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के पूर्णकालिक सचिव माननीय पंकज कुमार-प्रथम और डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति श्रीमती आशू रानी के मध्य कुलपति के विश्राम कक्ष में संपन्न हुई।
बैठक में सम्प्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों के शैक्षिक, नैतिक, मानसिक, सामाजिक और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि इन किशोरों के सफल पुनर्वास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, विधिक जागरूकता और व्यक्तित्व विकास नितांत आवश्यक है।
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इसके साथ ही उन्होंने खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और समय-समय पर प्रेरणात्मक कार्यक्रमों के आयोजन पर भी विशेष जोर दिया।
इस पहल पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती आशू रानी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हर संभव विधिक और शैक्षिक सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता के माध्यम से किशोरों के लिए शैक्षिक उन्नयन, करियर मार्गदर्शन, परामर्श (काउंसलिंग) और कौशल विकास से संबंधित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य इन किशोरों को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा से पुनः जोड़ना है।
बैठक के अंत में दोनों संस्थाओं के बीच इस बात पर पूर्ण सहमति बनी कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा और डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयासों से राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में समय-समय पर विभिन्न जनकल्याणकारी और जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी, ताकि इन किशोरों के जीवन को एक नई और सकारात्मक दिशा मिल सके।
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