आगरा, 16 नवंबर ।
थाना कागारौल, जिला आगरा की पुलिस द्वारा जितेन्द्र सिंह के विरुद्ध मामला अपराध संख्या 471/2018 अन्तर्गत धारा 363, 366, 376, 506 भा०दं०सं० एवं धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) माननीय सोनिका चौधरी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए अभियुक्त को दोषी ठहराया और दस वर्ष कारावास और पचपन हज़ार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है ।
Also Read – प्रशासनिक न्यायाधीश के आगरा आगमन पर अधिवक्ताओं का हाउस अरेस्ट होना है संवेधानिक अधिकारो का उल्लंघन

घटनाक्रम के अनुसार वादी मुकदमा ने अपनी चचेरी बहन, जो कि 14 वर्ष की थी, के बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट थाना कागारौल में 2 अप्रैल 2013 को दर्ज करवाई थी। इसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और जितेन्द्र सिंह को मुख्य आरोपी के रूप में नामांकित किया।
जांच के दौरान, पुलिस ने विभिन्न साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर जितेन्द्र सिंह पर धारा 376 (बलात्कार), 506 (धमकी) और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप लगाए।
न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर और एडीजीसी सुभाष गिरी के ठोस तर्कों के आधार पर जितेन्द्र सिंह को दोषी पाया और निम्न सजा सुनाई:
1. धारा 363 भा०दं०सं०: 3 वर्ष का कारावास और 3000/- रुपये का अर्थदंड।
2. धारा 366 भा०दं०सं०: 7 वर्ष का कारावास और 5000/- रुपये का अर्थदंड।
3. धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट: 10 वर्ष का कारावास और 50,000/- रुपये का अर्थदंड।
4. धारा 506 भा०दं०सं०: 2 वर्ष का कारावास और 2000/- रुपये का अर्थदंड लगाते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय सोनिका चौधरी ने अपने आदेश में कहा कि जितेन्द्र सिंह की सजा एक साथ चलेगी और उसके द्वारा जेल में बिताए गए समय को सजा में समायोजित किया जाएगा।
इसके अलावा, पीड़िता को उचित प्रतिकर देने के लिए निर्णय की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा को भेजी जाएगी।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin- आगरा सीजेएम कोर्ट में भ्रामक आख्या प्रस्तुत करने पर दरोगा पर गिरी गाज, सीजेएम ने थानाध्यक्ष को किया तलब - July 11, 2026
- साक्ष्य के अभाव और पुलिस की दोषपूर्ण विवेचना के चलते एटीएम धोखाधड़ी का आरोपी बरी - July 11, 2026
- संपत्ति के फर्जी दान पत्र मामले में भाई और भतीजे पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश - July 11, 2026




