आगरा:
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न इंडिया लिमिटेड, बेंगलोर और स्लैक्स स्पोर्ट्स जिम्नास्टिक इक्विपमेंट, चेन्नई को एक उपभोक्ता को ट्रेडमिल की पूरी कीमत चुकाने का आदेश दिया है।
आयोग ने दोनों कंपनियों को संयुक्त या अलग-अलग रूप से वादी को ₹1,18,999/- रुपये ट्रेडमिल की कीमत के रूप में, साथ ही शारीरिक उत्पीड़न और वाद व्यय के रूप में ₹20,000/- अतिरिक्त राशि प्रदान करने का निर्देश दिया है।
क्या था मामला :
* मामले का आधार: वादी एच. के. बंसल (निवासी जस मिन्दर टॉवर, पुष्पांजलि गार्डनियां) ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुलश्रेष्ठ के माध्यम से आयोग में मुकदमा दायर किया था।
* खरीद और आश्वासन: वादी ने विभिन्न टीवी विज्ञापनों से प्रभावित होकर 19 अक्टूबर 2016 को इंटरनेट के माध्यम से ट्रेडमिल खरीदने का ऑर्डर दिया था। कंपनियों ने बेहतरीन गुणवत्ता का आश्वासन दिया था और यह भी वादा किया था कि संतुष्ट न होने पर बिना कारण बताए ट्रेडमिल वापस ली जाएगी।
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* भुगतान और वापसी: वादी ने ट्रेडमिल के मूल्य के रूप में ₹1,18,999 रुपये का भुगतान किया और 30 अक्टूबर 2016 को उन्हें ट्रेडमिल भेज दी गई। हालांकि, ट्रेडमिल वादी की आवश्यकता के अनुसार संतोषजनक नहीं थी, जिसके बाद उन्होंने उसे वापस मंगाने को कहा।
* कंपनी का असहयोग: कंपनी द्वारा वादी से ही ट्रेडमिल वापस भेजने का आग्रह करने पर, वादी ने 14 दिसंबर 2016 को मैसर्स शिवम हाउस पैकर्स, नौलक्खा के माध्यम से उसे विपक्षी को वापस भेज दिया।
* उपभोक्ता का व्यय: विपक्षी द्वारा ट्रेडमिल वापस लेने से मना करने पर, वादी को अपने खर्चे पर ट्रेडमिल दोबारा आगरा मंगवानी पड़ी। अनेक शिकायतों के बाद भी जब वादी को उनकी धनराशि का भुगतान नहीं किया गया, तब उन्होंने उपभोक्ता फोरम का रुख किया।

उपभोक्ता न्यायालय का निर्णय:
* वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुलश्रेष्ठ के तर्कों को स्वीकार करते हुए, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय के अध्यक्ष माननीय आशुतोष और सदस्य पारुल कौशिक ने अपना फैसला सुनाया।
* आयोग ने दोनों विपक्षी कंपनियों को वादी को ट्रेडमिल की कीमत ₹1,18,999/- रुपये तुरंत लौटाने का आदेश दिया।
* इसके अतिरिक्त, मानसिक कष्ट और मुकदमे के खर्च (वाद व्यय) के लिए ₹20,000/- रुपये की राशि भी वादी को दिलाने का आदेश दिया गया है।
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