भारी बोरी उठवाने के कारण रीढ़ की हड्डी टूटने से हो गईं थी तुक्की राम की मौत
आगरा 03 दिसंबर ।
गैर इरादतन हत्या, दलित उत्पीड़न एवं अन्य आरोप में आरोपित राम बाबू पुत्र माधो सिंह त्यागी निवासी ग्राम सिलोखर, थाना इरादत नगर जिला आगरा को सबूत के अभाव में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट माननीय राजेंद्र प्रसाद ने 25 साल बाद बरी करने के आदेश दिये है ।
थाना इरादत नगर में दर्ज मामले के अनुसार वादी मुकदमा भूरी सिंह के भाई तुक्की राम को 18 मार्च 1999 की रात्रि 8 बजे करीब आरोपी भाई राम बाबू एवं हाकिम सिंह पुत्र गण माधो सिंह त्यागी निवासी गण ग्राम सिलोखर, थाना इरादत नगर, जिला आगरा आलू के बोरे ट्रैक्टर पर लादने के लिये वादी के भाई को जबरन अपने साथ खेत पर ले गये।

वादी के भाई ने आरोपियों से मना भी किया था कि अब उस पर भारी वजन नहीँ उठाया जाता हैं । खेत पर आरोपियों ने वादी के भाई से मारपीट कर उसके सिर पर आलू की बोरी रख ट्रैक्टर पर लादने को कहा। भारी बोरी के कारण वादी कें भाई की रीढ़ की हड्डी टूट जाने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अभियोजन द्वारा उक्त मामलें में वादी सहित सात गवाह अदालत में प्रस्तुत कियें गए । मुकदमें के दौरान आरोपी हाकिम सिंह की मौत हो जानें पर अदालत ने उसके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी।
अदालत ने सबूत के अभाव एवं आरोपी के अधिवक्ता इस्लामुद्दीन खान आगाई एवं दीपक सेठ के तर्क पर आरोपी को बरी करने के आदेश दिये।
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