आगरा।
अवैध संबंधों का विरोध करने पर अपनी ही पत्नी की तकिए से गला दबाकर हत्या करने वाले आरोपी पति को अदालत ने दोषी करार दिया है।
आगरा की अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एडीजे-14) माननीय ज्योत्सना सिंह की अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड में आरोपी पति विष्णु सोलंकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
घटना की पृष्ठभूमि और हत्या का कारण:
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी कृष्ण कुमार की छोटी बहन गायत्री का विवाह घटना से करीब 6 वर्ष पूर्व थाना शमशाबाद के नवादा खेड़ा निवासी विष्णु सोलंकी पुत्र टुंडा राम के साथ हुआ था।
शादी के कुछ समय बाद विष्णु सोलंकी के किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध बन गए थे। जब इस बात की जानकारी गायत्री को हुई, तो वह इसका कड़ा विरोध करती थी।
अपनी पत्नी का यह विरोध आरोपी को नागवार गुजरा और यही इस हत्याकांड की मुख्य वजह बना।
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वारदात की रात:
अवैध संबंधों में बाधा बन रही पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए आरोपी ने खौफनाक कदम उठाया। पुलिस में दर्ज मामले के मुताबिक, 27 अप्रैल 2024 की रात करीब 11:30 बजे अन्य महिला से संबंधों को लेकर पति-पत्नी के बीच एक बार फिर विवाद हुआ।
इस विवाद के बाद आरोपी विष्णु सोलंकी ने अपनी पत्नी गायत्री का तकिए से गला दबा दिया और उसे तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया।
घटना के बाद मृतका के भाई कृष्ण कुमार की तहरीर पर शमशाबाद थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया था।
अदालती कार्यवाही और फैसला:
इस गंभीर मामले की सुनवाई एडीजे-14 माननीय ज्योत्सना सिंह की अदालत में संपन्न हुई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एस.पी. भारद्वाज ने पैरवी की और कड़े तर्क प्रस्तुत किए।
मामले को साबित करने के लिए अदालत के समक्ष वादी मुकदमा (मृतका के भाई कृष्ण कुमार) सहित कुल 8 गवाह पेश किए गए।
न्यायाधीश माननीय ज्योत्सना सिंह ने गवाहों के बयान, मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अभियोजन पक्ष के तर्कों का बारीकी से अवलोकन किया।
सभी साक्ष्यों को प्रामाणिक और पर्याप्त मानते हुए अदालत ने आरोपी पति विष्णु सोलंकी को अपनी पत्नी की हत्या का पूर्ण रूप से दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
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