आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी की दुकानों को रिलीज न करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है।
कोर्ट ने अदालती आदेश की अवहेलना पर गाजीपुर के नए जिलाधिकारी (DM) अनुपम शुक्ला को पक्षकार बनाने की अनुमति देते हुए उन्हें अवमानना का नोटिस जारी किया है।
जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की सिंगल बेंच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे अगली सुनवाई यानी 14 जुलाई को शीर्ष 10 मामलों (Top 10 Cases) में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला ?
दुकानों की कुर्की: 16 दिसंबर 2023 को गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मोहम्मदाबाद कस्बे में स्थित मंसूर अंसारी की 18 दुकानों को कुर्क कर लिया था।

हाईकोर्ट का रिलीज ऑर्डर: इस कुर्की के खिलाफ मंसूर अंसारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां सिंगल बेंच ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुर्क दुकानों को तुरंत रिलीज करने का आदेश दिया था।
आदेश की अनदेखी: हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा दुकानें मुक्त नहीं की गईं, जिसके खिलाफ याची ने अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की।
प्रशासनिक उदासीनता पर कोर्ट सख्त:
सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि कोर्ट के आदेश के क्रम में पूर्व डीएम को 20 अप्रैल को एक आधिकारिक पत्र भी भेजा गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक उसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
इस पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने वर्तमान डीएम गाजीपुर से अगली सुनवाई या उससे पहले तक अदालत के आदेश के अनुपालन को लेकर स्पष्टीकरण (जवाब) तलब किया है।
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