आगरा।
स्थानीय अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या 1) माननीय पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने पांच साल पुराने एक दहेज हत्या के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
अदालत ने मृतका के पति पंकज, ससुर गंगाराम कुशवाह और सास मालती देवी को दोषी करार देते हुए दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही, अदालत ने तीनों दोषियों पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
माननीय न्यायालय ने आदेश दिया है कि अर्थदंड के रूप में वसूल की जाने वाली कुल राशि की आधी हिस्सेदारी मृतका के पिता (वादी) को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
जानिये क्या था पूरा मामला ?
यह गंभीर मामला थाना हरीपर्वत क्षेत्र के लंगड़े की चौकी का है। लोहिया नगर बल्केश्वर के रहने वाले वादी जयवीर सिंह ने अपनी पुत्री रीना शाक्य का विवाह 24 जनवरी 2020 को पंकज के साथ संपन्न किया था।
विवाह में करीब छह लाख रुपये खर्च करने के बावजूद ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे। वे लगातार अतिरिक्त दहेज के रूप में पांच लाख रुपये की मांग को लेकर रीना के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना करते रहे।
शादी के महज एक साल के भीतर, 15 जनवरी 2021 को वादी को सूचना मिली कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है।
जब वे परिवार सहित रीना के ससुराल पहुंचे, तो वहां रीना का शव जमीन पर पड़ा हुआ था।

न्यायालय में अभियोजन के तर्क:
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) आदर्श चौधरी ने दमदार पैरवी की।
उन्होंने अदालत के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए कि:
* मृतका की मृत्यु विवाह के मात्र एक वर्ष के भीतर उसके ससुराल में ही हुई थी।
* आरोपियों द्वारा अतिरिक्त दहेज के लिए मृतका को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
* यह अपराध समाज के खिलाफ एक अत्यंत गंभीर और संगीन प्रकृति का है, जिसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।
नौ गवाहों के आधार पर तय हुआ दोष:
पुलिस ने मामले की गहन विवेचना करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
कानूनी प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्याय की गुहार लगाते हुए वादी (पिता), मृतका की माता, भाई, मामले के विवेचक और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सहित कुल नौ महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत के समक्ष परीक्षित कराया।
अदालत ने सभी गवाहों के बयानों, साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पति, सास और ससुर को धारा 304बी (दहेज मृत्यु) के तहत दोषी पाते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेजने का आदेश जारी किया।
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