आगरा।
फेसबुक पर लिंक भेजकर और मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर साइबर ठग को अदालत से बड़ा झटका लगा है।
अपर जिला जज (कोर्ट संख्या 13) माननीय महेश चंद वर्मा की अदालत ने मामले की गंभीरता और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी तेजपाल की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
आरोपी तेजपाल, जो कि जिला बदायूं के थाना सिविल लाइंस अंतर्गत ग्राम रसूलपुर बिलहरी का निवासी है, फिलहाल जेल में ही रहेगा।
फेसबुक लिंक के जरिए बुना ठगी का जाल:
साइबर क्राइम थाने में दर्ज मामले के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पीड़ित (वादी मुकदमा) की तहरीर पर शुरू हुई थी। वादी का आरोप था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर उसे एक संदिग्ध लिंक प्राप्त हुआ था।
जैसे ही उसने उस लिंक को खोला, साइबर ठगों ने उसे एक फर्जी इन्वेस्टमेंट एप्लीकेशन (निवेश ऐप) से जोड़ दिया। इसके बाद ठगों ने उसे बहुत कम समय में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
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कुल 5.95 करोड़ रुपये की हुई धोखाधड़ी:
मुनाफे के जाल में फंसकर वादी ने ठगों के बताए अनुसार निवेश करना शुरू कर दिया। शातिर साइबर ठगों ने धीरे-धीरे करके वादी के बैंक खातों से कुल 5,95,27,500/- रुपये (लगभग छह करोड़ रुपये) की मोटी रकम ऐंठ ली।
जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने तत्काल इसकी शिकायत साइबर क्राइम पुलिस से की।
पुलिसिया कार्रवाई और कोर्ट का सख्त रुख:
वादी की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की तफ्तीश करते हुए साइबर थाना पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी तेजपाल पुत्र दीनदयाल को बीती 30 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था।
बचाव पक्ष की ओर से अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। हालांकि, माननीय न्यायाधीश ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों और इस मामले में ठगी गई विशाल धनराशि को ध्यान में रखते हुए आरोपी को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया और जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
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