आगरा।
थाना हरीपर्वत क्षेत्र के अंतर्गत हत्या के प्रयास के एक मामले में साक्ष्यों के अभाव के चलते अदालत ने आरोपी को बरी करने का आदेश दिया है।
मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे कोर्ट संख्या 9) माननीय विवेक कुमार ने आरोपी अन्नू को दोषमुक्त करार दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हरीपर्वत थाना क्षेत्र की गिहार बस्ती, वजीरपुरा निवासी रंजीत पुत्र स्वर्गीय मदन लाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप था कि 28 दिसंबर 2022 की रात करीब 11 बजे उनके 18 वर्षीय पुत्र रोहित की वहीं के निवासी अन्नू पुत्र नानक चंद से कहासुनी हो गई थी।
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विवाद बढ़ने पर आरोपी अन्नू ने रोहित के पेट और गले पर चाकू से जानलेवा प्रहार कर दिया, जिससे रोहित का पेट फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
मामले की विचारण प्रक्रिया के दौरान अदालत में उस समय नया मोड़ आया जब वादी मुकदमा रंजीत और उनका घायल पुत्र रोहित अपनी पूर्व की बातों और बयानों से पूरी तरह मुकर गए।
गवाही के दौरान पीड़ित रोहित ने अदालत को बताया कि घटना के समय मौके पर निर्माण कार्य चल रहा था, जहां रखी सरिया और फावड़े पर अचानक गिर जाने के कारण उसका पेट फट गया था और गले में चोटें आई थीं। वादी ने भी इस बात का समर्थन किया।
न्यायालय में गवाहों के अपने बयानों से पलट जाने और आरोपी के अधिवक्ता जैकी सिंह द्वारा प्रस्तुत तर्कों के बाद, अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ अपराध साबित करने के लिए कोई पुख्ता साक्ष्य मौजूद नहीं है।
इसके फलस्वरूप न्यायालय ने आरोपी अन्नू को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश जारी किया।
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