आगरा/प्रयागराज ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औरैया जनपद के दिबियापुर क्षेत्र में प्रशासन द्वारा प्रस्तावित बुलडोजर एक्शन पर बुधवार देर शाम बड़ी राहत दी है।
कोर्ट ने विशेष सुनवाई करते हुए आज सुबह छह बजे होने वाली ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है।
अदालत ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
रात में बैठी विशेष पीठ, सुबह होने वाली कार्यवाही पर लगाई रोक:
औरैया के दिबियापुर स्थित नहर बाजार में अतिक्रमण हटाने के नाम पर दुकानों और मकानों को गिराने की तैयारी पूरी हो चुकी थी। प्रशासन ने इसके लिए गुरुवार सुबह छह बजे का समय तय किया था।
मामले की गंभीरता और समय की कमी को देखते हुए मुख्य न्यायमूर्ति के निर्देश पर एक विशेष पीठ का गठन किया गया।

जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस विवेक वर्मा की डिवीजन बेंच ने बुधवार शाम 6:40 बजे इस मामले की अर्जेंट सुनवाई की।
सुमन देवी एवं तीन अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि प्रशासन बिना उचित अवसर दिए निर्माणों को गिराने पर आमादा है।
नसबंदी प्रोत्साहन योजना के तहत आवंटित भूमि का दावा:
याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क यह है कि जिन संपत्तियों को अवैध बताकर गिराया जा रहा है, वे जमीनें उन्हें वर्ष 1987 से 1991 के बीच सरकार की नसबंदी प्रोत्साहन योजना के तहत कानूनी रूप से आवंटित की गई थीं।
उनके पास आवंटन से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद हैं। दूसरी ओर, राज्य सरकार के अधिवक्ताओं ने इस दावे का विरोध करते हुए कहा कि प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को बार-बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन उन्होंने अपनी मिल्कियत साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए।
29 अप्रैल को होगी विस्तृत सुनवाई:
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल बुलडोजर कार्यवाही पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया है कि मामले की अगली सुनवाई तक मौके पर किसी भी तरह का ध्वस्तीकरण न किया जाए।
कोर्ट अब 29 अप्रैल को इस बात की समीक्षा करेगा कि आवंटन की प्रक्रिया सही थी या प्रशासन का अतिक्रमण हटाने का निर्णय कानून सम्मत है।
इस आदेश के बाद दिबियापुर के नहर बाजार इलाके में प्रशासन की हलचल रुक गई है और स्थानीय निवासियों ने फिलहाल राहत की सांस ली है।
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