आगरा।
जनपद के जिला जज ने बत्तीस लाख रुपये की साइबर ठगी के एक गंभीर मामले में आरोपी गुलशन राजोरिया की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है।
न्यायालय ने आरोपी के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद उसे राहत प्रदान करते हुए रिहाई के आदेश जारी किए हैं।
मामला थाना साइबर क्राइम में दर्ज कराया गया था। वादी मुकदमा मनोज कालरा ने आरोप लगाया था कि मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में उनकी वर्ष 2016 से छह पॉलिसियां संचालित थीं।
18 मार्च 2023 को उनके पास एक फोन आया, जिसमें उन्हें जानकारी दी गई कि उनकी एक पॉलिसी परिपक्व हो गई है, जिसकी राशि 3,91,417/- रुपये है।
फोन करने वाले ने उन्हें सुझाव दिया कि यदि वह अपनी सभी छह पॉलिसियों को बंद करके एक नई पॉलिसी लेते हैं, तो उन्हें भविष्य में बड़ा मुनाफा होगा।
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वादी ने इस झांसे में आकर विभिन्न किस्तों में कुल 32 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें पता चला कि यह राशि उनके खाते में जमा नहीं हुई है और उनके साथ साइबर ठगी की गई है।
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य आरोपी के बयान के आधार पर नई दिल्ली के उत्तम नगर निवासी गुलशन राजोरिया को भी आरोपी बनाया था।
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता जैकी सिंह ने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए कि उनके मुवक्किल को केवल सह-आरोपी के बयान के आधार पर गलत तरीके से फंसाया गया है।
मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए जिला जज ने आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान की।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जांच में सहयोग करना होगा और बिना अनुमति के क्षेत्र से बाहर नहीं जाना होगा।
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