आगरा:
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में नौकरी लगवाने के बहाने लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक पिता और पुत्र के विरुद्ध कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम)-6 माननीय आतिफ सिद्दकी ने पूर्व सरपंच पदम सिंह (निवासी ग्राम कुसेड़ास, थाना मनिया, जिला धौलपुर) और उनके पुत्र राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर, मामले की विवेचना के आदेश सैंया थानाध्यक्ष को दिए हैं।
रिश्तेदारी का फायदा उठाकर ठगी:
मामला वादी मनीष (पुत्र गुरु प्रसाद, निवासी हिरोड़ा, थाना सैंया, जिला आगरा) द्वारा अपने अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार शैवाल और विश्व रतन प्रताप सिंह के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र से संबंधित है।
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वादी ने आरोप लगाया कि विपक्षियों से रिश्तेदारी होने के कारण उनका एक-दूसरे के यहाँ आना-जाना था। इसी दौरान, विपक्षी राहुल ने सीबीआई विभाग में एलडीसी (LDC) पद पर सीधी भर्ती होने और विभाग में अच्छी जान-पहचान होने का हवाला दिया। राहुल ने 5 लाख रुपये देने पर मनीष को नौकरी लगवाने की बात कही।
पैसे लिए, नौकरी नहीं मिली:
राहुल की बातों पर विश्वास करके वादी मनीष ने 12 दिसंबर 2023 को अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र और तीन लाख रुपये की रकम विपक्षी को दे दी। कुछ समय बाद, राहुल ने मनीष को मेडिकल के लिए चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल भेजा, जहाँ दो दिन रखने के बाद उन्हें घर वापस भेज दिया गया।
जब वादी को नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने विपक्षियों से अपनी रकम वापस माँगी, लेकिन विपक्षियों ने पैसे वापस करने से इंकार कर दिया।
इसके बाद, मनीष ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके परिणामस्वरूप अब अदालत ने आरोपित पिता-पुत्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जाँच के आदेश दिए हैं।
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