स्वयं वादी की बुआ एवं डॉक्टर नें अदालत में खोल दी वादी की पोल
सिर दीवार में मार कर हत्या करने का लगा था आरोप
डॉक्टर ने कहा सिर में कोई चोट नहीं थी ,ह्रदयाघात से हुई मौत
बुआ ने कहा मृतक का अपनी पत्नी एवं पुत्र से हुआ था झगड़ा
शराब को लेकर हुआ था विवाद
आगरा 30 सितंबर।
अपने भतीजे का सिर दीवार से मार कर हत्या के मामले में आरोपित चाचा रमेश चंद पुत्र वासुदेव प्रसाद निवासी नगला पदी, सरन नगर न्यू आगरा, उसकी पत्नी श्नमिता एवं पुत्र मनमीत सिंह उर्फ मनीष को सबूत के अभाव में अपर जिला जज 5 माननीय मृदुल कुमार ने बरी करने के आदेश दिये।
थाना न्यू आगरा में दर्ज मामले के अनुसार वादी मुकदमा सन्तोष कुमार पुत्र छोटे लाल ने थाने पर तहरीर देते हुए यह आरोप लगाया कि वह वर्षों से अपने घर के सामने अपनी साइकिल खड़ी करता चला आ रहा था।

चाचा रमेश चंद ने अपने घर का दरवाजा बड़ा कराने पर साइकिल खड़ी करने को मना किया। इसी विवाद में 20 अगस्त 2020 की शाम 6.30 बजें करीब वादी के चाचा, चाची एवं चचेरे भाई ने वादी के भाई मदन के साथ मारपीट कर उसका सिर दीवार में मार कर हत्या कर दी।
वादी की तहरीर पर आरोपियो के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा पंजीकृत हुआ। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने उक्त मामले मे वादी सहित चार गवाह अदालत में पेश किये। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर उदय प्रताप ने अपने बयान में कहा मृतक के सिर में पोस्टमार्टम के दौरान कोई भी चोट नहीं पाई गई ।
उसकी मृत्यु ह्रदयाघात से होना पाया गया। आरोपियों की तरफ से पेश हुई वादी की बुआ श्रीमती नीलम ने डॉक्टर के कथन की पुष्टि करते हुये बयान दिये कि, घटना वाले दिन मृतक मदन का अपनी पत्नी एवं पुत्र से शराब के रुपये मांगने को लेकर झगड़ा हुआ था।रुपये नही देने पर वह तेज कदमों से चलने के कारण सड़क पर पर गिर गया था।

घटना के दौरान उसका भाई रमेश चंद काम पर गया था, भतीजा ट्यूशन पढ़ने गया था केवल भाभी घर पर थी । जमीन को लेकर वादी ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे के विचारण उपरांत डॉक्टर एवं वादी की बुआ के बयान एवं आरोपी के अधिवक्ता रमेश चंद्रा के तर्क पर अदालत ने आरोपी को बरी करने के आदेश दिये।
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