आगरा।
जनपद की विशेष अदालत ने 13 वर्षीय किशोरी के साथ अश्लील हरकत करने और विरोध करने पर मारपीट व गाली-गलौज के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है।
एडीजे-30 माननीय कुंदन किशोर सिंह ने तीनों आरोपियों—मन्नू, दीपू और योगेंद्र—को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 24 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विरोध पर की थी मारपीट और गाली-गलौज:
मामला थाना जगदीशपुरा क्षेत्र का है, जहाँ वादी मुकदमा ने अपनी 13 वर्षीया पुत्री के साथ हुई अभद्रता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी के साथ अश्लील हरकतें की थीं और जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट व गाली-गलौज की थी। पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 19 मार्च 2018 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पॉक्सो एक्ट और साक्ष्यों के आधार पर सजा:
सजा पाने वाले तीनों आरोपी—मन्नू (पुत्र राजेंद्र प्रसाद), दीपू (पुत्र राधे लाल) और योगेंद्र उर्फ ब्रज मोहन (पुत्र राम चरण)—निवासीगण खतेना, थाना लोहामंडी, जिला आगरा के रहने वाले हैं।
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न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखा और पत्रावली पर उपलब्ध सभी साक्ष्यों को प्रस्तुत किया।
विशेष अभियोजन अधिकारी के तर्क रहे प्रभावी:
न्यायालय ने विशेष अभियोजन अधिकारी सतेंद्र प्रताप गौतम के तर्कों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी पाया।
न्यायाधीश माननीय कुंदन किशोर सिंह ने पत्रावली का बारीकी से अवलोकन करने के बाद यह स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा मिलना आवश्यक है, ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके।
अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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