आगरा/ प्रयागराज 24 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा लगता है कलियुग आ गया है। 75-80 साल के दंपति गुजारा भत्ता पाने के लिए परस्पर कानूनी लड़ाई लड रहे हैं।
हालांकि कोर्ट ने पति की याचिका पर पत्नी को नोटिस जारी किया है और कहा है कि उम्मीद है कि वे अगली तारीख पर दोनों किसी समझौते के साथ आयेंगे।
Also Read – वाराणसी के ज्ञानवापी में वजूखाने के एएसआई सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज मंगलवार को हुई सुनवाई
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने अलीगढ़ के मुनेश कुमार गुप्ता की याचिका पर दिया है।
याचिका दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत पारित आदेश की वैधता की चुनौती में दाखिल की गई है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel BulletinLatest posts by मनीष वर्मा (see all)
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: फर्जी वसीयत और संपत्ति विवाद मामले में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के चचेरे भाई की गिरफ्तारी पर रोक - September 12, 2026
- बिना अपमान के इरादे के केवल जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल एससी-एसटी एक्ट के तहत अपराध नहीं – इलाहाबाद हाईकोर्ट - August 22, 2026
- राज्यपाल की समय से पहले रिहाई की शक्ति मनमानी नहीं, अदालत की अनुमति के बिना आदेश रद्द - August 18, 2026




