आगरा ।
आगरा के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए इलेक्ट्रिक स्कूटर विक्रेता को सेवा में कमी का दोषी पाया है।
आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने विपक्षी मैसर्स शंकर लाल एण्ड संस को आदेश दिया है कि वे परिवादी को नई स्कूटी प्रदान करें या स्कूटर की पूरी कीमत ब्याज सहित वापस करें।
मामले के अनुसार, रुई की मण्डी निवासी दीनदयाल उपाध्याय ने 7 जुलाई 2023 को विपक्षी से 1,06,590/- रुपये में एक हीरो इलेक्ट्रिक मॉडल ऑप्टिमा सी.एक्स. 2.0 खरीदी थी।
स्कूटर पर चार साल की वारंटी दी गई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसकी बैटरी खराब हो गई। परिवादी ने आरोप लगाया कि बार-बार वर्कशॉप ले जाने और शिकायत करने के बावजूद स्कूटर की समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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अंतिम बार 2 जुलाई 2025 को स्कूटर मरम्मत के लिए वर्कशॉप पर खड़ा किया गया, जिसे विपक्षी ने न तो ठीक किया और न ही वापस लौटाया।
सुनवाई के दौरान विपक्षी की ओर से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ और न ही कोई लिखित कथन प्रस्तुत किया गया, जिसके कारण आयोग ने मामले में एकपक्षीय सुनवाई की।
आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों और सर्विस रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि स्कूटर को छह बार मरम्मत के लिए ले जाया गया था, जो सेवा में स्पष्ट कमी को दर्शाता है।
आयोग ने अपने आदेश में विपक्षी को निर्देशित किया है कि वह निर्णय की तिथि से 45 दिन के भीतर परिवादी को उसी मॉडल की नई स्कूटी और नई बैटरी प्रदान करे।
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यदि विपक्षी ऐसा नहीं करता है, तो उसे स्कूटर की मूल कीमत 1,06,590/- रुपये पर खरीद की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
इसके अलावा, आयोग ने मानसिक पीड़ा के लिए 10,000/- रुपये और वाद व्यय के रूप में 5,000/- रुपये की क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।
निर्धारित अवधि में भुगतान न करने पर ब्याज दर 9 प्रतिशत वार्षिक देय होगी।
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