आगरा ।
एक चौंकाने वाले मामले में, चेक की रकम में हेरफेर कर धोखाधड़ी करने के आरोप में फँसे दो भाइयों को अदालत से राहत मिल गई है।
जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने मनोज शर्मा और मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत दे दी है।
आरोप था कि वादी ने 8,400/- रुपये के चेक को 84,000/- रुपये का बनाकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
जानें क्या है पूरा मामला:
गाज़ियाबाद के खोड़ा बाजार निवासी मनोज शर्मा और मनीष शर्मा के खिलाफ आगरा के थाना जगदीशपुरा में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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वादी सत्य प्रकाश ने आरोप लगाया था कि उनकी जूता बनाने वाली कंपनी से आरोपी भाइयों ने जूते खरीदे थे, लेकिन लंबे समय तक इसका भुगतान नहीं किया।
लगातार तकादा करने पर, आरोपियों ने उन्हें 84,000/- रुपये का एक चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने दोनों भाइयों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी।
आरोपियों ने अदालत में पेश किए सबूत:
आरोपियों ने अपने वकील वरुण कुमार शर्मा के जरिए अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया। उन्होंने दलील दी कि वादी का आरोप झूठा है। उन्होंने सिर्फ 8,400/- रुपये का चेक दिया था, जिसे वादी ने चालाकी से 84,000/- रुपये बना दिया था।

आरोपियों के वकील ने इस दावे के समर्थन में सबूत भी पेश किए, जिसके बाद अदालत ने इस तर्क को स्वीकार कर लिया।
मामले की गंभीरता और पेश किए गए सबूतों को देखते हुए, जिला जज ने मनोज शर्मा और मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया और उनकी रिहाई का आदेश दिया।
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