आगरा:
एक महत्वपूर्ण न्यायिक फ़ैसले में, विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) माननीय पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने गैंगेस्टर एक्ट के तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी करने का आदेश दिया है। यह मुकदमा वर्ष 2014 में थाना फतेहपुर सीकरी में दर्ज किया गया था।
बरी किए गए आरोपियों में अर्जुन पुत्र पूरन और सतीश काछी पुत्र दामोदर, दोनों निवासी ग्राम उंडेरा, थाना फतेहपुर सीकरी, ज़िला आगरा, तथा आदित्य उर्फ ठाकुरजी पुत्र किशन चन्द निवासी ग्राम सलेमपुर, थाना फरह, ज़िला मथुरा शामिल हैं।
यह मामला थाना फतेहपुर सीकरी में गैंगेस्टर एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि इन लोगों ने संगठित गिरोह बनाकर लूट और अन्य संगीन अपराध किए हैं और अवैध रूप से धन एवं संपत्ति अर्जित की है।
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थानाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपियों के भय के कारण जनता का कोई भी व्यक्ति उनके ख़िलाफ़ गवाही देने या बोलने को तैयार नहीं है। थानाध्यक्ष ने आरोपियों के विरुद्ध गैंग चार्ट भी अदालत में पेश किया था।
इस मामले में वादी मुकदमा (तत्कालीन थानाध्यक्ष) अनिल प्रताप सिंह सहित कुल चार गवाह अदालत में पेश हुए।
अभियुक्तों के अधिवक्ताओं, अशोक कुमार मंगल एवं सुनील कुमार, के तर्कों पर विचार करने के बाद विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) माननीय पवन कुमार श्रीवास्तव ने आरोपियों को बरी करने के आदेश दिए।
न्यायालय ने यह भी कहा कि अभियुक्तों द्वारा विधि विरुद्ध रूप से अर्जित की गई किसी भी संपत्ति को गैंगेस्टर एक्ट की धारा 14 के तहत कुर्की नहीं किया गया था।
साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए न्यायालय ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।
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