आगरा /नई दिल्ली 21 अगस्त ।
संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत जाति व्यवस्था को मौलिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए असंवैधानिक घोषित करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार कर दिया।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
याचिकाकर्ता इन पर्सन द्वारा दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए सीजेआई ने कहा कि
“संविधान में विशेष रूप से जाति, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों का उल्लेख करने वाले प्रावधान हैं। मूल रूप से तैयार किए गए संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का उल्लेख है।”
इस कारण इसमें कोई दम नहीं है।
पीठ ने याचिका खारिज करते हुए
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“यह हमारे हस्तक्षेप का मामला नहीं है, अतः इसे खारिज किया जाता है”।
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