आगरा, 21 जुलाई 2025
अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में रूप सिंह कुशवाह उर्फ रूपा (पुत्र हरीश चंद्र, निवासी ग्राम खांडा, थाना बरहन, जिला आगरा) को एडीजे-17 माननीय नितिन कुमार ठाकुर ने सात वर्ष कैद और 1500 रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है।
वहीं, इस मामले में सह-आरोपी श्रीमती उषा (पत्नी श्याम सुंदर, निवासनी ग्राम खांडा, थाना बरहन, जिला आगरा) को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
यह मामला बरहन थाने में दर्ज कराया गया था। मृतक श्रीमती फूलन देवी के भाई और वादी मुकदमा निहाल सिंह के अनुसार, फूलन देवी की शादी घटना से 25 साल पहले आरोपी रूप सिंह से हुई थी।
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शादी के शुरुआती दौर में सब ठीक रहा, लेकिन बाद में रूप सिंह गलत सोहबत में पड़ गया। वह शराब के नशे में रहने लगा, सट्टेबाजी करने लगा और गांव की ही महिला श्रीमती उषा देवी से अवैध संबंध भी बना लिए।
जब फूलन देवी इन अवैध संबंधों का विरोध करती थीं, तो रूप सिंह उनके साथ मारपीट करता था। अपने शौक पूरे करने के लिए उसने अपनी पत्नी के सारे गहने भी बेच दिए थे। चार शादीशुदा बच्चों के बावजूद उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं आया।
21 मार्च 2022 की रात करीब 11 बजे, रूप सिंह और उसकी प्रेमिका ने फूलन देवी से अवैध संबंधों के विरोध पर मारपीट की और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते फूलन देवी ने 22 मार्च 2022 को आत्महत्या कर ली।
एडीजे-17 ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और एडीजीसी सत्य प्रकाश धाकड़ के तर्कों के आधार पर आरोपी पति को दोषी पाया।
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