आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने एक अहम फैसले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की किरावली शाखा के प्रबंधक को एक किसान को 81,303/- रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित चुकाने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही, बैंक को वादी को मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी अदा करना होगा। बैंक की लापरवाही के कारण किसान का खाता अमान्य कर दिया गया था, जिससे वह सरकारी कृषि ऋण माफी योजना के लाभ से वंचित रह गया था।
मामले के विवरण के अनुसार, ग्राम अभुआपुरा, तहसील किरावली (आगरा) निवासी किसान घनश्याम पुत्र फोरन सिंह ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता रोहन सिंह के माध्यम से उपभोक्ता आयोग में यह वाद दायर किया था।
वादी ने 18 जुलाई 2014 को एसबीआई की किरावली शाखा से कृषि ऋण लिया था। इसके बाद 11 अप्रैल 2017 को उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि ऋण मोचन योजना की घोषणा की, जिसके तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों का एक लाख रुपये तक का ऋण माफ किया जाना था।
Also Read – दुराचार और पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी बरी, गवाही में मिला गंभीर विरोधाभास

वादी के अनुसार, 14 अप्रैल 2017 को जब वह बैंक गया तो उसे 15 दिन बाद आने को कहा गया। दोबारा जाने पर बैंक अधिकारियों ने उसे आश्वस्त किया कि उसका नाम ऋण माफी योजना के दायरे में आ गया है और जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति को उसके नाम की सिफारिश भेज दी गई है। वादी को निश्चिंत रहने को कहा गया।
हालांकि, 18 अक्टूबर 2017 को किसान को पता चला कि बैंक द्वारा उसका खाता अमान्य कर दिया गया था, जिसके कारण ऋण माफी योजना की सूची में उसका नाम शामिल ही नहीं किया गया।
वादी का आरोप है कि इस सूचना से उसकी मां पार्वती देवी को गहरा सदमा लगा और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
Also Read – मकान बेचने के नाम पर 10 लाख हड़पने और चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक वर्ष की कैद
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहन सिंह के तर्कों को सुना और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया।
आयोग ने बैंक की सेवा में भारी कमी मानते हुए एसबीआई किरावली शाखा के प्रबंधक को आदेश दिया कि वह वादी को मुकदमा दायर करने की तिथि 15 जून 2018 से 81,303/- रुपये की धनराशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाकर भुगतान करे।
इसके अतिरिक्त, मानसिक संताप और कानूनी खर्च के रूप में 15 हजार रुपये की राशि भी वादी को देने का निर्देश दिया गया है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित टिप्पणी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आगरा न्यायालय में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज - November 4, 2026
- आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम का इंडियन बैंक पर कड़ा प्रहार: पीपीएफ खातों से अवैध कटौती पर ग्राहकों के पक्ष में सुनाया फैसला - November 4, 2026
- सांसद कंगना रनौत के खिलाफ ‘गटर जनरेशन’ टिप्पणी मामले में रिवीजन याचिका निरस्त, अदालत ने कहा- परिवादी को विधिक अधिकार नहीं - November 3, 2026




