दुष्कर्म व जबरन शादी के आरोपी ‘सगे फूफा’ को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली राहत, अदालत ने दी सशर्त जमानत

उच्च न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा/प्रयागराज।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी सगी भतीजी के साथ दुष्कर्म करने और जबरन शादी करने के आरोपी राजीव (निवासी थाना राहरा, अमरोहा) की जमानत याचिका मंजूर कर ली है।

अदालत ने मामले के तथ्यों, एफआईआर में हुई देरी और पीड़िता के बयानों में विरोधाभास को देखते हुए आरोपी को सशर्त रिहा करने का आदेश दिया है।

मामले के मुख्य तथ्य और बचाव पक्ष के तर्क:

न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ के समक्ष आरोपी के अधिवक्ता मयंक कृष्ण चंदेल ने दलीलें पेश कीं।

बचाव पक्ष का कहना था कि:

* प्रेम प्रसंग का दावा: 21 वर्षीय बालिग पीड़िता और आरोपी के बीच प्रेम संबंध थे। पीड़िता ने आरोपी के शादीशुदा और चार बच्चों का पिता होने की जानकारी होने के बावजूद अपनी सहमति से संबंध बनाए और शादी की।

* देरी से एफआईआर: पीड़िता ने आरोपी के चंगुल से भागने का दावा किया, लेकिन इस घटना के 15 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराई और इस देरी का कोई ठोस कारण नहीं बताया।

Also Read – इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विभाग की देरी के कारण कर्मचारी को सेवा लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता

* अविश्वसनीय कहानी: इससे पहले पीड़िता के पिता ने भी गुमशुदगी की रिपोर्ट घटना के 9 दिन बाद दर्ज कराई थी, जबकि उन्हें पता था कि वह किसके साथ है।

* जेल की अवधि: आरोपी 26 सितंबर 2025 से जेल में निरुद्ध है और उसका कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं है।

अभियोजन का विरोध:

सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी पीड़िता का सगा फूफा है। चार बच्चों का पिता होने के बावजूद उसने अपने रिश्ते की मर्यादा को ताक पर रखकर बालिग भतीजी के साथ अवैध संबंध बनाए और जबरन शादी की, जो कि एक गंभीर अपराध है।

अदालत का निर्णय:

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि:

* पीड़िता बालिग है और वह लगभग डेढ़ महीने तक आरोपी के साथ रही।

* चंगुल से भागने के 15 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराना और बयानों की स्थिति आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।

Also Read – 42 साल बाद मिला न्याय: पत्नी की हत्या के आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया बरी, पुलिस के सामने कबूलनामा साक्ष्य नहीं

* आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

इन्हीं आधारों पर हाईकोर्ट ने आरोपी राजीव को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

केस फाइल:

* आरोपी: राजीव (सगा फूफा)

* अदालत: इलाहाबाद हाईकोर्ट (न्यायमूर्ति समीर जैन)

* मुख्य विधिक बिंदु: बालिग पीड़िता की सहमति, एफआईआर में देरी और बयानों की विश्वसनीयता।

* वर्तमान स्थिति: जमानत मंजूर (सशर्त)।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

मनीष वर्मा
Follow Me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *