आगरा।
न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय शारिब अली ने दहेज उत्पीड़न और अन्य गंभीर आरोपों के तहत आरोपी पति और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष सिकंदरा को दिया है।
वादी पक्ष का आरोप है कि शादी में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ससुराल वाले क्रेटा कार और दस लाख रुपये की अतिरिक्त मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित कर रहे थे।
मामले के अनुसार, सिकंदरा (आगरा) निवासी एम.के. शर्मा ने अपनी पुत्री दिव्यानी शर्मा का विवाह 26 फरवरी 2023 को मवाना (मेरठ) निवासी प्रशांत शर्मा के साथ किया था।
वादी का कहना है कि उन्होंने हैसियत के मुताबिक शादी में करीब 45 लाख रुपये खर्च किए थे।
इसके बावजूद विपक्षी पति और उसके परिवार के लोग दिए गए उपहारों और दहेज से संतुष्ट नहीं थे।
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शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार क्रेटा कार और दस लाख रुपये की मांग की जाने लगी और मांग पूरी न होने पर वादी की पुत्री को शारीरिक व मानसिक रूप से उत्पीड़ित किया जाने लगा।
न्यायालय का निर्देश:
पीड़ित पक्ष की ओर से न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
सीजेएम माननीय शारिब अली ने वादी के अधिवक्ता जय दयाल गौतम के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों को सुनने के बाद मामले को गंभीरता से लिया।
न्यायालय ने विपक्षी पति प्रशांत शर्मा, सास और चचिया ससुर सहित अन्य ससुराल वालों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही सिकंदरा पुलिस को मामले की निष्पक्षता से विवेचना कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
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