आगरा, उत्तर प्रदेश:
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने एक वरिष्ठ नागरिक द्वारा डॉक्टर की लापरवाही के कारण अपंग होने का आरोप लगाते हुए दायर किए गए मुकदमे को खारिज कर दिया है। आयोग ने एक विशेषज्ञ की राय के आधार पर डॉक्टर को किसी भी गलती का दोषी नहीं पाया।
विवेक कुमार जैन नामक सीनियर सिटीजन ने संतोष हॉस्पिटल के डॉ. वाई.पी. सिंह के खिलाफ ₹30.25 लाख की आर्थिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय की मांग करते हुए यह मुकदमा दायर किया था।
Also Read – 6 साल की बच्ची से दुराचार का आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

जैन का आरोप था कि पाइल्स के ऑपरेशन के दौरान बेहोशी के लिए लगाए गए इंजेक्शन से उनके कंधे से लेकर हाथ, पैर और कमर सुन्न हो गए, और उनकी एक टांग आज तक सुन्न है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस घटना के बाद अन्य डॉक्टरों को दिखाने में उनका काफी पैसा बर्बाद हुआ, और सीएमओ ने उन्हें 40% विकलांगता का प्रमाणपत्र भी दिया।
वाद दायर करते समय, जैन ने अपनी मानसिक स्थिति का भी हवाला दिया और बताया कि उनके 32 वर्षीय बेटे की हार्ट अटैक से मौत हो जाने के बाद उनकी देखभाल का सहारा भी छिन गया, जिससे वह अवसाद का शिकार हो गए।
हालांकि, आयोग ने इस मामले में डॉ. वाई.पी. सिंह के जवाब और एस.एन. मेडिकल कॉलेज के एक्सपर्ट डॉक्टर से मंगाई गई रिपोर्ट की समीक्षा की।

आयोग के अध्यक्ष माननीय आशुतोष और सदस्य पारुल कौशिक ने विशेषज्ञ की राय के आधार पर पाया कि डॉक्टर की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी, और इसलिए उन्होंने मुकदमे को खारिज करने का आदेश दिया।
डॉक्टर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राममोहन उपाध्याय ने पैरवी की।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin- विद्युत चोरी के मामले में साक्ष्य और गवाहों के अभाव पर अदालत ने 18 वर्ष बाद आरोपी को किया बरी, विभाग व पुलिस की लापरवाही उजागर - September 17, 2026
- केबल पर अवैध रूप से गदर फिल्म दिखाने के आरोपी को 25 वर्ष बाद मिली सजा, अदालत ने सुनाई डेढ़ वर्ष की कैद - September 17, 2026
- फ्री लुक पीरियड में पॉलिसी सरेंडर करने के बावजूद प्रीमियम हड़पने पर उपभोक्ता आयोग प्रथम सख्त,मैक्स लाइफ और एक्सिस बैंक पर हर्जाना व ब्याज आरोपित - September 17, 2026




