आगरा।
पारिवारिक विवाद के चलते अपनी ही पत्नी की हत्या कराने के आरोपी फौजी पति मनोज कुमार की जमानत याचिका को जिला जज ने खारिज कर दिया है।
आरोपी फौजी पर आरोप है कि उसने कोर्ट से तारीख कर लौट रही पत्नी की रास्ते में घेरकर गोली मारकर हत्या करवा दी थी।
मामला फतेहाबाद थाना क्षेत्र से जुड़ा है। दर्ज मुकदमे के अनुसार, वादी हरी सिंह की पुत्री मंजू देवी की शादी सत्रह वर्ष पूर्व ग्राम राजाखेड़ा (धौलपुर) निवासी फौजी मनोज कुमार के साथ हुई थी।
पिछले नौ वर्षों से दोनों के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिसके कारण न्यायालय में मुकदमेबाजी जारी थी। अठारह जुलाई 2025 को मंजू देवी अपनी बेटी मोहिनी के साथ दीवानी न्यायालय से मुकदमे की तारीख देखकर घर वापस लौट रही थीं।
इसी दौरान फतेहाबाद से पीछा कर रहे सात लोगों ने उन्हें ग्राम सारंगपुर के पास घेर लिया और मंजू देवी की गोली मारकर हत्या कर दी।
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हमलावरों ने मृतका की पुत्री मोहिनी को भी धमकी दी कि यदि उसने किसी से शिकायत की, तो उसका अंजाम भी उसकी मां जैसा ही होगा। इस हत्याकांड को आरोपी फौजी ने अपने नाबालिग भतीजे के माध्यम से अंजाम दिलवाया था, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
तीन हजार किलोमीटर दूर होने की दलील नामंजूर:
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान आरोपी फौजी की ओर से दलील दी गई कि घटना के दिन वह घटनास्थल से करीब तीन हजार किलोमीटर दूर तमिलनाडु में सेना के प्रशिक्षण में शामिल था। उसने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
दूसरी तरफ, अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता ने आरोपी की जमानत का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने न्यायालय के समक्ष तर्क रखे कि आरोपी ने साजिश के तहत इस जघन्य अपराध को अंजाम दिलवाया है, इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।
न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और अभियोजन के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी फौजी की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
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