आगरा।
आगरा सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहे बहुचर्चित फतेहपुर सीकरी केस (केस संख्या-1049/2024, अजय प्रताप सिंह आदि बनाम के के मोहम्मद आदि) की सुनवाई गुरुवार को हुई।
जानिये कोर्ट में क्या हुआ ?
* सबूत दाखिल: वादी (याचिकाकर्ता) के अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने कोर्ट में महत्वपूर्ण साक्ष्य दाखिल किया। उन्होंने पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉक्टर डी. वी. शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘आर्कियोलॉजी ऑफ फतेहपुर सीकरी न्यू डिस्कवरीज’ की छायाप्रति बतौर सबूत पेश की।
* विपक्षी की अनुपस्थिति: सुनवाई के दौरान विपक्षी पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद् के.के. मोहम्मद और उनके अधिवक्ता कोर्ट में अनुपस्थित रहे।
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* न्यायालय का निर्देश: माननीय न्यायालय ने इस अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए, विपक्षी को केस में लिखित जवाब (रिटेन स्टेटमेंट) दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है।
* अगली सुनवाई: मामले की अगली सुनवाई की तारीख 31 जनवरी नियत की गई है।
विवाद का मूल आधार:
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने तर्क दिया कि फतेहपुर सीकरी मूल रूप से सिकरवार राजाओं द्वारा बसाया गया ‘विजयपुर सीकरी’ नगर था।
उनके अनुसार, मुस्लिम अभिलेखों में इसे ‘फहतपुर सीकरी’ लिखा गया, जिसका अपभ्रंश (बिगड़ा हुआ रूप) आज ‘फतेहपुर सीकरी’ है। उन्होंने यह भी बताया कि उर्दू/फ़ारसी में ‘विजय’ को ‘फहत’ कहा जाता है।
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