आगरा।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, आगरा जनपद में ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से लंबित मुकदमों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है।
बुधवार को जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में दीवानी परिसर में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सिविल जज सीनियर डिवीजन और जूनियर डिवीजन स्तर के सभी न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
न्यायिक अधिकारियों को निर्देश:
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जनपद न्यायाधीश ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में ऐसी पत्रावलियों को चिन्हित करें, जिनमें मध्यस्थता (Mediation) की संभावना है।
उन्होंने जोर दिया कि मध्यस्थता न केवल न्यायालय का बोझ कम करती है, बल्कि पक्षकारों के बीच कटुता को भी समाप्त करती है।
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पिछले अभियान की सफलता:
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अपर जिला जज माननीय डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी ने बताया कि:
* पिछले वर्ष चलाए गए प्रथम चरण के अभियान में बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया था।
* पूर्व की सफलता को देखते हुए ही चरण 2.0 को और अधिक व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।
* आम जनता को सरल और सुलभ न्याय दिलाने के लिए यह एक सशक्त माध्यम है।
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मीडिया से सहयोग की अपील:
माननीय डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से भी आग्रह किया है कि वे इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने से आम जनता स्वयं आगे आकर अपने मामलों को सुलह-वार्ता के माध्यम से निपटाने की पहल करेगी, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी।
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