कंगना रनौत ने आगरा अदालत पर लगाया वादी को अनुचित लाभ देने का आरोप, निर्णय टालने की मांग

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए माननीय अनुज कुमार सिंह की अदालत पर गंभीर आरोप लगाते हुए ३० अप्रैल को आदेश पारित न करने की मांग की है।

कंगना रनौत की अधिवक्ता सुधा प्रधान ने अधिवक्ता अनुसुइया चौधरी की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि उक्त प्रकरण में ३० अप्रैल २०२६ को अंतिम बहस संपन्न हो चुकी थी और न्यायालय ने १६ अप्रैल २०२६ की तिथि आदेश के लिए नियत की थी, लेकिन उस दिन निर्णय पारित नहीं किया गया।

आरोप है कि उस अवसर पर न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता रमाशंकर शर्मा एडवोकेट को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के संबंध में बहस करने की अनुमति दी गई और पत्रावली को मार्क करने का अवसर प्रदान किया गया, जो वादी के पक्ष में एक महत्वपूर्ण लाभ है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, रिवीजन न्यायालय ने २९ नवंबर २०२५ को स्पष्ट निर्देश दिया था कि प्रकरण का निस्तारण केवल अभिलेख पर उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर किया जाए।

इसके विपरीत शिकायतकर्ता द्वारा ३ अप्रैल २०२६ को कुछ अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जो पूर्व में रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं थे।

इन नए दस्तावेजों के संबंध में अभियुक्ता ने अपना विस्तृत प्रति उत्तर प्रस्तुत करने के लिए अवसर की मांग की है ताकि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित हो सके।

दूसरी ओर वादी और राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने इस प्रार्थना पत्र का तीव्र विरोध किया।

उन्होंने कहा कि यह न्यायालय का अपमान है और लगाए गए आरोप झूठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि १६ अप्रैल को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम पर कोई बहस नहीं हुई थी, बल्कि केवल महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर फ्लैग लगाए गए थे ताकि न्यायालय को साक्ष्य पढ़ने में सुविधा हो सके।

न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विपक्षी के प्रार्थना पत्र पर ३० अप्रैल २०२६ को ही आदेश पारित करने की बात कही है।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

1 thought on “कंगना रनौत ने आगरा अदालत पर लगाया वादी को अनुचित लाभ देने का आरोप, निर्णय टालने की मांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *