आगरा।
अछनेरा थाना क्षेत्र के कीथम गांव में एक बुजुर्ग के दांत तोड़ने और उनके बेटे का सिर फोड़ने के गंभीर मामले में जिला जज की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है।
न्यायालय ने यह फैसला अभियोजन पक्ष द्वारा घायलों के अस्पताल में भर्ती होने या उपचार से संबंधित पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने के आधार पर लिया।
क्या था पूरा मामला ?
थाना अछनेरा में दर्ज मुकदमे के अनुसार, वादी रूपेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि 26 नवंबर 2025 को जब वह अपने घर के सामने झाड़ू लगा रहा था, तभी गांव के ही मोहित और उसके परिजनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी मोहित, रोहित, भगवती प्रसाद और आशा ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।
इस हमले में वादी के पिता किशन स्वरूप के दांत टूट गए और भाई रवि का सिर फटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

अदालत का निर्णय:
आरोपी मोहित (पुत्र सतीश चंद) की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चोटों की गंभीरता की पुष्टि के लिए आवश्यक मेडिकल साक्ष्य गायब हैं।
जिला जज ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी प्रमाण या अस्पताल की पर्ची पेश नहीं कर सका कि घायलों का इलाज अस्पताल में हुआ था।
शर्तें: साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए अदालत ने आरोपी मोहित को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतों और इतनी ही धनराशि के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी किया।
मुख्य बिंदु:
* घटना स्थल: ग्राम कीथम, थाना अछनेरा (आगरा)।
* आरोप: बुजुर्ग के दांत तोड़ना और पुत्र का सिर फाड़ना।
* जमानत का आधार: मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल के साक्ष्यों का अभाव।
* न्यायालय: जिला जज, आगरा।
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