आगरा/नई दिल्ली 12 नवंबर ।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना ने मंगलवार (12 नवंबर) को स्पष्ट किया कि वह तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए मामलों का मौखिक उल्लेख नहीं सुनेंगे।
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सीजेआई ने कहा कि तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए अनुरोध ईमेल या लिखित पत्र के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिसमें तात्कालिकता बताई गई हो।
सीजेआई खन्ना ने मामलों का उल्लेख करने वाले वकीलों से कहा,
“मौखिक उल्लेख नहीं, ईमेल या लिखित पत्र द्वारा भेजें।”
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साभार: लाइव लॉ
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