आगरा:
आगरा के डौकी थाना प्रभारी और उनके सहयोगियों पर अधिवक्ता कुलदीप राजपूत के घर में घुसकर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए, अधिवक्ताओं का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा।
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के बैनर तले अधिवक्ताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
विरोध प्रदर्शन और जुलूस:
शनिवार सुबह 11 बजे, सिविल कोर्ट के प्रांगण में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने एक बड़ा जुलूस निकाला। वे दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे।
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इसके बाद गेट नंबर 2 पर अधिवक्ताओं ने धरना दिया। धरने के दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग तेज:
सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर उत्तर प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि जब तक यह कानून लागू नहीं होता, अधिवक्ताओं के साथ ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पदाधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने का आग्रह किया।
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उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के प्रवक्ता अधर कुमार शर्मा ने बताया कि आंदोलन को और प्रभावी बनाने के लिए 22 सितंबर, सोमवार को सभी अधिवक्ता संगठनों की एक बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
शनिवार के प्रदर्शन में कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे, जिनमें सुरेंद्र लाखन, मनीष कुमार सिंह, मुकेश कुमार शर्मा, अनूप शर्मा, वरुण गौतम, विजेंद्र रावत, आधार कुमार शर्मा, सरोज यादव, कर्मवीर सिकरवार, आबिद खान, मुरारी लाल वर्मा, महावीर तिवारी और नौशाद अहमद प्रमुख थे।
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