आगरा।
चेक डिशऑनर (चेक बाउंस) के एक मामले में अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन माननीय सोनम शर्मा की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक जूता कारोबारी को मुकदमे के विचारण हेतु तलब किया है।
न्यायालय ने आरोपी को 28 जुलाई के लिए अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह परिवाद न्यू सुभाष नगर फेज 2, लॉयर्स कॉलोनी, जिला आगरा निवासी अभिषेक मल्होत्रा ने दायर किया है।
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि वादी और विपक्षी नितिन सचदेवा (पुत्र बसंत लाल सचदेवा, निवासी कावेरी ग्रैंड, कैलाश विहार, आगरा) दोनों जूता व्यवसाय से जुड़े हैं।
समान पेशे में होने के कारण दोनों के बीच वर्षों से मित्रता थी।
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लेनदेन और चेक बाउंस का प्रकरण:
वादी के अनुसार, व्यापारिक आवश्यकताओं का हवाला देते हुए विपक्षी नितिन सचदेवा ने 25 जनवरी 2024 को उनसे दो लाख रुपये उधार लिए थे।
कुछ समय बाद जब वादी ने अपने रुपयों का तकादा किया, तो विपक्षी ने भुगतान स्वरूप 10 अक्टूबर 2025 की तिथि का एचडीएफसी बैंक, कमला नगर शाखा का एक चेक प्रदान किया।
वादी ने जब यह चेक भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह डिशऑनर हो गया।
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अदालत की कार्यवाही:
चेक बाउंस होने के बाद वादी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गिरधारी लाल चौरसिया ने अपना पक्ष और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए।
अदालत ने वादी के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का संज्ञान लेने के बाद, आरोपी नितिन सचदेवा को मुकदमे के विचारण (ट्रायल) का सामना करने के लिए 28 जुलाई को तलब करने का आदेश पारित किया है।
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