आगरा: ३ जून ।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अन्य आरोपों से जुड़े एक मामले में आगरा की डाकखाने वाली गली, जीवनी मंडी निवासी आरोपी माधव चौहान को अदालत से राहत मिल गई है। अपर सत्र न्यायाधीश माननीय राजेंद्र प्रसाद ने आरोपी की जमानत अर्जी सशर्त स्वीकार कर ली है।
आरोपी माधव चौहान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज पाठक ने अदालत में तर्क प्रस्तुत किए कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
उन्होंने यह भी दलील दी कि प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी की गई है और कथित रूप से बोर्ड तोड़ने का कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है। इसके अतिरिक्त, अधिवक्ता पाठक ने बताया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
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मामले की वादिनी मुन्नी देवी ने 7 मई, 2025 को थाना छत्ता में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि रात्रि के समय मिनारा मस्जिद के पास लगे लोहे के बोर्ड को आरोपी माधव चौहान और अन्य लोगों ने तोड़ दिया।
उन्होंने यह भी कहा था कि इस घटना का मोबाइल पर वीडियो वायरल किया गया, जिससे धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई है। वादिनी की तहरीर के आधार पर, थाना छत्ता में आरोपी सहित तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 298 और 299 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, आरोपी माधव चौहान को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी है। इन शर्तों का पालन करना जमानत की वैधता के लिए अनिवार्य होगा।
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