आगरा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, गाजियाबाद को आरोपी के पासपोर्ट का नवीनीकरण करने का निर्देश दिया है।
न्यायालय ने यह आदेश आरोपी की पारिवारिक परिस्थितियों और मानवीय आधार को ध्यान में रखते हुए दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
प्रकरण थाना हरीपर्वत में दर्ज ‘राज्य बनाम राहुल आदि’ से संबंधित है, जिसमें मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में मुकदमा लंबित है।
इस मामले में हरजस सिंह ग्रेवाल भी एक आरोपी है। आरोपी के पासपोर्ट की वैधता 25 फरवरी 2025 को समाप्त हो गई थी।
पासपोर्ट कार्यालय की आपत्ति:
हरजस सिंह ग्रेवाल ने नियमानुसार क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद में नवीनीकरण हेतु आवेदन किया था।
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हालांकि, पासपोर्ट कार्यालय ने उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा लंबित होने के आधार पर नवीनीकरण करने से इंकार कर दिया था।
न्यायालय में दी गई दलीलें:
आरोपी ने अपने अधिवक्ता नीरज पाठक के माध्यम से सीजेएम अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर निम्नलिखित तर्क रखे:
* जमानत पर रिहाई: आरोपी उक्त मामले में पहले से ही जमानत पर है और वर्तमान में मामला गवाही के स्तर पर है।
* मानवीय आधार: आरोपी की बहन तरणजोत कौर वर्तमान में कनाडा में निवास करती हैं और वह 9 माह की गर्भवती हैं। उनकी देखरेख और सहायता के लिए आरोपी का कनाडा जाना अत्यंत आवश्यक है।
* संवैधानिक अधिकार: अधिवक्ता ने तर्क दिया कि केवल मुकदमा लंबित होने मात्र से किसी व्यक्ति के पासपोर्ट नवीनीकरण को अनिश्चितकाल के लिए नहीं रोका जा सकता।
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अदालत का फैसला:
सीजेएम माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने अधिवक्ता नीरज पाठक के तर्कों और मामले की परिस्थितियों को न्यायसंगत पाते हुए आरोपी का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया।
अदालत ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, गाजियाबाद को निर्देशित किया कि आरोपी हरजस सिंह ग्रेवाल के पासपोर्ट नवीनीकरण की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए, ताकि वह अपनी बहन की सहायता हेतु विदेश जा सके।
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