गंगा में नाव पर मांसाहार पार्टी का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

उच्च न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा/प्रयागराज।

वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर बैठकर मांसाहार पार्टी करने के मामले में नामजद आरोपियों की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ के समक्ष हुई इस सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।

मामले की पृष्ठभूमि और एफआईआर:

यह पूरा विवाद वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत जायसवाल ने 16 मार्च को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आरोप है कि पवित्र गंगा नदी की मर्यादा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए कुछ युवकों ने नाव पर बैठकर मांसाहार का सेवन किया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।

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इसी मामले में आरोपी दानिश सैफी, आमिर कैफी और नुरुल इस्लाम ने अपनी गिरफ्तारी के बाद उच्च न्यायालय में जमानत के लिए गुहार लगाई है।

न्यायालय की कार्यवाही:

सुनवाई के दौरान याचियों की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद वसीम ने पक्ष रखा। उन्होंने दलीलों के माध्यम से आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आग्रह किया।

वहीं, सरकारी अधिवक्ता ने मामले की संवेदनशीलता और तथ्यों की जांच के हवाले से विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत मांगी।

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अगली सुनवाई की तिथि:

अदालत ने राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए सुनवाई को स्थगित कर दिया है।

अब इस जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की गई है। तब तक के लिए राज्य सरकार को अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

स्थानीय स्तर पर इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजा था।

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मनीष वर्मा
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