आगरा।
जनपद के थाना एकता क्षेत्र के अंतर्गत साइड न देने को लेकर हुए विवाद में गोली चलाने वाले दो आरोपियों को न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। जिला जज ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी योगेंद्र राठी और मनोज कुमार की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
क्या था पूरा मामला ?
घटना 15 दिसंबर 2025 की रात करीब 10:30 बजे की है। वादी रवि फौजदार के अनुसार, उनका भाई अनूप फौजदार कोटली बगीची चौराहे से दवा लेकर लौट रहा था।
इसी दौरान उसने देखा कि थार सवार राहुल चाहर और रजत चाहर को एक क्रेटा कार सवारों ने रास्ता रोककर साइड नहीं दी।
जब थार सवारों ने इस बात का विरोध किया, तो क्रेटा से उतरे आरोपियों ने आपा खो दिया और फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली थार सवारों की ओर चलाई गई, जबकि दूसरी गोली बीच-बचाव करने पहुंचे अनूप फौजदार की जांघ में जा लगी। अनूप इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था।
Also Read – भ्रष्टाचार के विरुद्ध अदालती कार्रवाई के लिए यूपी के 18 जनपदों में विशेष कोर्ट गठित;

मौके पर ही दबोचे गए थे आरोपी:
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और उन्होंने भागने का प्रयास कर रहे आरोपी योगेंद्र राठी और मनोज कुमार (निवासी: राम रघु रेजिडेंसी, देवरी रोड) को मौके पर ही दबोच लिया। भीड़ ने दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया था, जिसके बाद से वे जेल में हैं।
न्यायालय का फैसला:
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने घायल की मेडिकल रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों को आधार बनाकर दलील दी कि सरेराह गोली चलाना एक जघन्य अपराध है।
“जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अपराध की प्रकृति को गंभीर माना और योगेंद्र राठी व मनोज कुमार की जमानत याचिका खारिज करने के आदेश जारी किए।”
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा में महिला आरोपी के साथ पुलिस कस्टडी में मारपीट के मामले में आगरा अदालत का बड़ा आदेश, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और विभागीय जांच के निर्देश - June 8, 2026
- आगरा: खरीदार को धोखा देकर दूसरा प्लॉट बेचा, बोगस चेक देने के आरोपी मनोज गिरी को कोर्ट ने किया तलब - June 7, 2026
- आगरा स्थाई लोक अदालत का बड़ा फैसला, पीएनबी मैटलाइफ इंश्योरेंस कंपनी को ब्याज सहित 4.70 लाख रुपये लौटाने के आदेश - June 7, 2026




