आगरा:
दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता की कथित हत्या कर साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से शव को यमुना नदी में बहा देने के गंभीर मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने सख्त रुख अपनाया है।
CJM ने इस मामले में आरोपी ससुरालीजनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना (जांच) करने के आदेश थानाध्यक्ष ताजगंज को दिए हैं।
जानिये क्या है पूरा मामला ?
मामले के अनुसार, वादी (शिकायतकर्ता) गीतम सिंह की बेटी श्रीमती नगीना की शादी आरोपी सुनील, निवासी ताजगंज, आगरा, के साथ हुई थी।
वादी का आरोप है कि शादी के बाद आरोपी पति सुनील और अन्य ससुरालीजनों ने दहेज से संतुष्ट न होने के कारण उनकी बेटी नगीना को लगातार प्रताड़ित किया और उससे अतिरिक्त दहेज के रूप में 2 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
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फोन पर दी थी मारपीट की सूचना:
गीतम सिंह का आरोप है कि 7 सितंबर 2025 की रात्रि 7 बजे उनकी बेटी नगीना ने फोन करके उन्हें बताया था कि दहेज की मांग पूरी न होने के चलते उसके साथ मारपीट की जा रही है। वादी और परिवार के अन्य लोग जब नगीना की ससुराल पहुंचे, तो वह वहां नहीं मिली।
पूछने पर ससुरालीजनों ने बताया कि उसे अस्पताल ले गए हैं। जब पुत्री के पति को फोन किया गया, तो उसने बताया कि नगीना को सांप ने डंस लिया था, और मृत्यु हो जाने के बाद उसकी लाश को यमुना नदी में बहा दिया गया है।
पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट का सहारा:
पुत्री की संदिग्ध हालत में मृत्यु होने और मृत्यु की सूचना उसके परिजनों को दिए बिना, सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से शव को यमुना नदी में बहा देने पर वादी ने पुलिस से शिकायत की थी। हालांकि, पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर वादी ने अपने अधिवक्ता तेजेंद्र राजपूत के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए, CJM माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने थानाध्यक्ष ताजगंज को आरोपी ससुरालीजनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर तुरंत विवेचना शुरू करने के आदेश दिए हैं।
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