कोर्ट ने कहा आरोपित अपराध की सजा तीन साल,10 माह से जेल में बंद , जमानत का हकदार
आगरा /प्रयागराज 10 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आतंकी संगठन हमास का समर्थन करने व भारत सरकार का इजराइल को समर्थन करने पर विरोध करने का ट्वीट करने के आरोपी की जमानत मंजूर कर ली है।
यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने आरोपी गोश मोहम्मद की अर्जी पर दिया है। आरोपी गौश ने ट्विटर पर गाजा पर इजरायल के हमले के विरोध में आतंकी संगठन हमास का समर्थन किया था। साथ ही उसने भारत सरकार द्वारा इजराइल का समर्थन किए जाने का विरोध भी किया था।
पुलिस ने एफआईआर कर आरोप लगाया कि उसकी इस ट्वीट से गांव सिघाई मुरावन में काफी तनाव फैला गया। याची का कहना था कि आरोप झूठे हैं।
आरोपों का विचारण मजिस्ट्रेट द्वारा किया जाना है। जिसकी अधिकतम सजा तीन साल है।और 20 अक्टूबर 23 से पिछले 10 माह से जेल में बंद हैं।
उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। ऐसे में उसे ट्रायल पूरा होने तक जमानत दी जाय।
इस आधार पर हाईकोर्ट ने उसे सशर्त जमानत दे दी है। और कहा है कि शर्तों का उल्लघंन करने पर जमानत निरस्त की जा सकती है।
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