आगरा।
आईटीसी कंपनी के नाम पर व्यवसायी से 95 लाख रुपये से अधिक मूल्य का गेहूं खरीदकर भुगतान न करने के मामले में जिला अदालत ने राहत दी है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) माननीय पुष्कर उपाध्याय ने मामले में नामजद आरोपी मदन लाल की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें जेल से रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रकरण के अनुसार, थाना किरावली में वादी अशोक कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। वादी की अपनी पत्नी के साथ मंडी समिति किरावली में दाता राम अशोक कुमार के नाम से फर्म है।
आरोप था कि 8 अप्रैल 2024 को आरोपी मदन लाल के पुत्रों, गुल्ला उर्फ गीतेश और सुनील ने खुद को आईटीसी कंपनी से जुड़ा बताकर फर्म से 95 लाख रुपये से ज्यादा का गेहूं खरीदा, लेकिन बाद में उसका भुगतान नहीं किया। पुलिस ने इस मामले में दोनों पुत्रों के साथ उनके पिता मदन लाल को भी आरोपी बनाया था।

अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता राजकुमार कुशवाह ने मजबूती से पक्ष रखा।
उन्होंने तर्क दिया कि कथित घटना अप्रैल 2024 की बताई गई है, जबकि इसके लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट लगभग छह माह की देरी से 11 अक्टूबर 2024 को दर्ज कराई गई।
इस विलंब का कोई ठोस कारण पुलिस या वादी द्वारा नहीं दिया गया है।
बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि मदन लाल न तो कभी वादी की फर्म पर गए और न ही उन्होंने कोई खरीदारी की।
साथ ही उनका आईटीसी कंपनी के एजेंट होने से भी कोई सरोकार नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मदन लाल की जमानत मंजूर कर ली।
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