आगरा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया राजकीय संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण, कमियों पर जताई नाराजगी

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आगरा, 13 मई 2026।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगरा द्वारा बुधवार को महत्वपूर्ण निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव माननीय पंकज कुमार-प्रथम ने राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), सिरौली मालपुरा का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के समय केंद्र पर प्रभारी अधीक्षक राम सूरत और फार्मासिस्ट विकास कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। सचिव ने वहां रह रहे किशोरों से अकेले में और समूह में विस्तार से बातचीत की।

इस दौरान किशोरों से उन्हें मिलने वाले भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली गई। बातचीत में किशोरों ने किसी प्रकार की समस्या या शिकायत व्यक्त नहीं की।

संस्थान के निरीक्षण के दौरान सचिव ने किशोरों के सर्वांगीण विकास और सुधारात्मक परिवर्तनों से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन किया। फाइलों के पूर्ण न होने पर उन्होंने गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की और प्रभारी अधीक्षक को इन कमियों को तत्काल सुधारने के कड़े निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जिन किशोरों का नामांकन किसी विद्यालय में नहीं है, उनका एनआईओएस के माध्यम से अविलंब दाखिला कराया जाए। साथ ही संस्थान में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए गए।

विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

निरीक्षण के पश्चात सचिव माननीय पंकज कुमार-प्रथम द्वारा तहसील सदर के ग्राम पंचायत भवन मलपुरा में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

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इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से आमजन को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

इसी क्रम में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में पंचायत भवन में स्थापित पंचायत लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया, ताकि ग्रामीण स्तर पर लोगों को मिलने वाली विधिक सहायता की प्रभावशीलता को जांचा जा सके।

सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी भी किशोर को कानूनी सहायता की आवश्यकता हो, तो उसका प्रार्थना पत्र तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित किया जाए।

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विवेक कुमार जैन
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