साक्ष्य के अभाव में दहेज उत्पीड़न के आरोपी पति और सास-ससुर बरी

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

दहेज उत्पीड़न, मारपीट और गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोपों में घिरे पति, सास और ससुर को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) माननीय प्रगति सिंह ने वादिनी और उसके पिता के गवाही से मुकर जाने के बाद आरोपियों को बरी करने के आदेश जारी किए।

मामला थाना एत्मादपुर में दर्ज कराया गया था। वादिनी प्रगति शर्मा के अनुसार, उसका विवाह 3 मई 2021 को हाथरस की साकेत कॉलोनी निवासी हिमांशु के साथ हुआ था।

आरोप था कि विवाह के बाद से ही पति हिमांशु, ससुर राधेश्याम और सास उषा रानी दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे।

वादिनी का आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोग उसे मायके से 10 लाख रुपये अतिरिक्त लाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे।

इसके अतिरिक्त वादिनी ने यह गंभीर आरोप भी लगाया था कि गर्भवती होने के दौरान पति ने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसका गर्भपात हो गया था।

Also Read – आगरा की सड़कों पर अवैध कब्जे के विरुद्ध उच्च न्यायालय का कड़ा रुख, पार्षद हेमंत प्रजापति ने अधिवक्ता शिवांगी सिंह के सहयोग से उठाई जनता की आवाज

मुकदमे के विचारण के दौरान मामले में उस समय नया मोड़ आया जब मुख्य गवाह के रूप में वादिनी प्रगति शर्मा और उनके पिता संजय शर्मा अदालत में अपने पूर्व के बयानों से मुकर गए। गवाहों के मुकर जाने के कारण अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध करने में विफल रहा।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता विकास गौतम ने अदालत में तर्क दिया कि जब मुख्य शिकायतकर्ता ही आरोपों का समर्थन नहीं कर रही है, तो ऐसी स्थिति में आरोपियों को सजा देना न्यायोचित नहीं है।

अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए और पत्रावली पर सजा के पर्याप्त आधार न होने के कारण पति हिमांशु, सास उषा रानी और ससुर राधेश्याम को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *